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बिखरा के तेरी जुल्फ़ें मुझ पे!

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बिखरा के तेरी जुल्फ़ें मुझ पे, तुम मुझे बेवजह पागल करती हो! महका कर मेरी महफ़िल, मेरी नज़रों में उतरके दिल घायल करती हो! तुम शमा हो,और, मैं परवाना... मैं चाहूं तेरी शमा के तप में जल जाना! जब से तुम्हें देखा है,जब से तुम्हें जाना है, तब से मैं सुध-बुध खोया जैसे मैं कोई दीवाना है! क़त्ल करती हैं तेरी निगाहें, तेरे संग चलती हैं मेरी राहें! हौश में मैं नहीं रहा, थाम ले तू मुझे अपनी बाहें! बिखरा के तेरी जुल्फ़ें मुझ पे, तुम मुझे बेवजह पागल करती हो! महका कर मेरी महफ़िल, मेरी नज़रों में उतरके दिल घायल करती हो! #abdhexadeci #hindipoems #life #Poetry #laipoem #truth #abdlife #abdrhy #abdluv #FrozenQueenElsa © Abdul Ahad GujBihari

ख़्वाब वाली हसीना!

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मेरा दिल जैसे इक बंज़र ज़मीं, इसके कोश़ें में अभी कोई रहता नहीं! कोई इसका दरवाज़ा थकथकाए, ऐसी कोई अब तक हसीना नहीं! चल रहे यूं ही अकेले किसी राह पे, पर,कल कोई दिलरुबा मिलेगी सही! भले वक़्त लंबा बिछेगा, पर,उसी का है इंतजार जो मेरे ख़्वाब में थी दिखी! जिसे पसंद करेंगी मेरी मम्मी, जो मेरे नसीब़ में हैं लिखी! ख़ाईश़ है मेरा हो उनसे राब़्ता, किसी दिन उनसे मिलूं जो बनेंगी मेरी ज़िंदगी! मेरा दिल जैसे इक बंज़र ज़मीं, इसके कोश़ें में अभी कोई रहता नहीं! #abdluv #abdrhy #hindisonnet #hindipoems © Abdul Ahad GujBihari

अब ज़रा मैं ठहरना चाहता हूं!

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अब ज़रा मैं ठहरना चाहता हूं, बात बात पे नहीं लड़ना चाहता हूं! सांस लेने की अब महोलत तो लें लूं, हरी बगिया में टहलना चाहता हूं! हंस लिया मैंने बहुत, अब मेरे आंसुओं से मैं अपने चेहरे को धोना चाहता हूं! मेरे मन में बड़ी उथल-पुथल है, बस,अब ज़रा मैं ठहरना चाहता हूं! #abdocta #hindipoems #life #Poetry #laipoem #truth #abdlife #life #abdrhy © Abdul Ahad GujBihari

मैं उगता हूं!

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मैं एक बीज हूं, मैं जमीन या पानी के अंदर उगता🌱हूं, मेरे अंदर एक पौधा उगाने की पूरी क्षमता है! मेरे छोटे आकार🤭पर मत जाओ, कभी-कभी, मैं लंबे पेड़ का माता-पिता😇 बन जाता हूं! आप कोरोना समय😱में ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए भाग रहे हैं, लेकिन,यदि आप पहले से ही पौधे🌱या पेड़🌳से बचाते हैं, फिर,उस समय पॉसिब्ली आप मुफ्त😲में ऑक्सीजन प्राप्त कर सकते हैं! बच्चे मत रोओ😭, यह सेब🍎लो, यह मेरा भतीजा-पेड़🌳से है! पेड़🌳या पौधा🌿आपको भोजन और ऑक्सीजन दे सकता है, फिर, अगली बार🤔 अनियंत्रित-निर्णय में कोई काम न करें! मैं एक बीज हूं, मैं जमीन या पानी के अंदर उगता🌱हूं, मेरे अंदर एक पौधा उगाने की पूरी क्षमता है! #abdthirteen #hindipoems #life #Poetry #laipoem #truth #abdlife #life #abdrhy © Abdul Ahad GujBihari

माताश्री...तेरे हज़ारों नाम!

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मां,मम्मी,अम्मी या उम्मी.... तू एक हैं,चाहें तेरे नाम पुकारूं कोई भी! तेरी अंखियों की काजल ही काफ़ी हैं, जो वाट लगा देती बुरे नज़रों की! मन मा उथल-पुथल हैं मेरे, तू जान लेती हालात मेरे दिली-मंज़र की! मुशक़्क़त के वक़्त कभी सिमट जाऊं तेरे दामन में, तू राज़दार हैं मेरे फ़ितरत की! तंग हो जाती जब कभी तू मुझसे, पर,तू मेरी नादानी से कभी नहीं रूठी! कर श़ैतानी जब परेशान तुझे करता, बाद तेरे लप्पर के श़ुक्रगुज़ार रहूं तेरी नसीहत की! मां,मम्मी,अम्मी या उम्मी.... तू एक हैं,चाहें तेरे नाम पुकारूं कोई भी! #अल्फ़ाज़ #abdmom #abdrhy #hindipoems © Abdul Ahad GujBihari